Breaking News
Home / उत्तर प्रदेश / अलीगढ़ के चावल की खुशबू दुनिया भर में फैली

अलीगढ़ के चावल की खुशबू दुनिया भर में फैली

चावल की खासियत 1साधारण बासमती की तुलना में लंबा होने के साथ पतला दाना होता है। इसे कम पानी में पकाया जाता है। कच्चे चावल में ही खुशबू आती है। बनने के बाद इसकी सुगंध बढ़ जाती है।ईरान समेत कई देशों की बिरयानी में अलीगढ़ की खुशबू का तड़का लग रहा है। यहां के बासमती चावल की दुनिया भर में मांग है। एक दर्जन कंपनियां जिले से हर साल करीब दस लाख कुंतल चावल ईरान समेत कई देशों को निर्यात करती हैं। इस चावल का सर्वाधिक उपयोग पुलाव (बिरयानी) में किया जाता है। अलीगढ़ में 80 हजार हेक्टेयर में धान की फसल बोई गई है। करीब दो लाख कुंतल धान उत्पादन की संभावना है। पिछले साल धान की फसल का रकबा 79 हजार हेक्टेयर था। अलीगढ़ के अलावा आगरा, मैनपुरी, एटा, हाथरस, कासगंज के किसान यहां बासमती धान बेचने आते हैं। हर साल यहां औसतन 20-25 लाख कुंतल धान की खरीद होती है। इसमें अलीगढ़ का हिस्सा 8 से 10 लाख कुंतल होता है। सुगंधा, पीटेन, 1509 व सरबती के अलावा 1121 प्रजातियां विशेष रूप से निर्यात की जाती हैं। जिले के आसपास भी इन्हीं प्रजाति का धान पैदा होता है। हरियाणा व दिल्ली की कंपनियां धान को प्रोसेस कर अपने ब्रांड से निर्यात करती हैं। सऊदी अरब, बहरीन, कतर, कुवैत, ओमान के अलावा इराक व ईरान को निर्यात में प्राथमिकता दी जाती है। धनीपुर मंडी के व्यापारी किसानों से मांग के अनुसार धान खरीदकर अनुबंधित कंपनियों का टैग लगाकर भेजते हैं।धनीपुर में निर्यातक कंपनियों को भेजे जाने वाले धान की बोरियां ’ जागरणअलीगढ़ व आसपास के जिलों के बासमती धान की विदेशों में अच्छी मांग है। कंपनियां किसानों से धान खरीदकर प्रोसेस कर निर्यात करती हैं।

About Jagrukprahari

Check Also

कासगंज में छत पर सो रहे युवक की गोली मारकर हत्या

कासगंज । 10 सितम्बर उत्तर प्रदेश में कासगंज जिले के गंजडुन्डवारा क्षेत्र में अज्ञात हमलावरों …

Leave a Reply

Your email address will not be published.